याद आता है वो लम्हा,
जो हमने साथ गुजारा।
याद आता है वो हर पल,
जब हमने तुम्हें पुकारा,
तेरे प्यार ने प्रिय, जीवन मेरा संवारा।
फिर लगा ज़माने का पहरा,
बिखर गया हमारा बसेरा।
तेरी दीवानगी का असर था हम पर इतना गहरा,
हर पल नज़र आता था तुम्हारा चेहरा—
भाया नहीं ज़माने को प्रेम हमारा।
बिछड़ गये प्रेम के पंछी,
फिर मिल न सके वो दोबारा।
हम मिल न सके थे, नहीं था इसका ग़म,
दिल मिल गये थे— क्या था ये कम।
पूर्ण मिलन करने को लेंगे जन्म दोबारा,
हम लेंगे जन्म दुबारा।
— सरिता पाठक


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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