कोई बात हो गई
जिन्दगी में ये कैसी शुरुआत हो गई
आंखों के आईने में मुलाकात हो गई
नजर आई थी उस में तस्वीर हमारी
देखा जो आईना खुद से बात हो गई
यूं तो मसले थे बहुत दिल के सामने
खुल गए भेद जब, मुलाकात हो गई
बात कुछ भी नहीं थी हमारे दरमियां
बात छोटी सी अब बड़ी बात हो गई
भटक रहे थे हम मंजिल की राह में
कहते हैं ये आंसू, कोई बात हो गई
वो आए थे यहां पर, मिलने हम से
करेगा क्या कोई, अगर रात हो गई
रुलाएंगी हमें यादें यूं कब तक यादव
यादों में जब उन से मुलाकात हो गई
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







