खत लिख दे सवारियां के नाम बाबू,
पहले उनको देना मेरा सलाम बाबू।
उन्हें दे दे मेरा प्यार का पैग़ाम बाबू,
अबकी सावन छूटे नहीं पाए बाबू।
पिछली दफा जो राहें रूठ गई थीं,
इस बार वो भी संग मुस्कुराए बाबू।
गुज़री रातों की दास्तां सुनाना है,
बचपन की गलियों में लौट जाना है।
चूड़ी, मेहंदी और सावन के झूले,
खुशबू से दिल को महका जाएंगें।
खत में लिखना, जब वो यहाँ आएंगे,
उनकी उम्मीदों को सच कर जाऊँगी।
सवारियां पढ़ें जब ये मेरा सलाम बाबू,
महक जाएगा उनका मेरा प्यारा रिश्ता ।
बरसों बाद दिल के घर में लौट आएंगे,
खत लिख दे सवारियां के नाम बाबू।
खत में लिखना, बहारें फिर लौट आई हैं,
दिल की बगिया ने फिर खुशबू उड़ाई है।
अबके मिलन में न कोई दूरी, न देरी होगी,
हर रंजिश, हर गलती उनकी माफ होगी।
लिखना, झरनों का संगीत गुनगुना रहा ,
मन का सावन भी अब संग बरस रहा ।
तेरी राह देखते मेरी आंखें तरस गई है ,
अबकी कदमों की आहट समझ गई थीं।
गांव के पोखर, वो आम की डालियां,
सजाएंगे फिर से बचपन की गलियां।
रंगीन शामें और रिश्तों के मधुर तराने,
सजेंगे फिर से वो भूले से अफसाने।
तो भेज ये खत, मोहब्बत की जुबां में,
हर बात लिख देना एक नये अंदाज में।
खत लिख दे सवारियां के नाम बाबू,
खत लिख दे सवारियां के नाम बाबू।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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