खबर दर्द की
वो महफ़िल में यूँ ही आते-जाते रहे
और गजलें हम भी उन्हें सुनाते रहे।
उन्हें क्या खबर मेरे दर्द-ए-दिल की
कि पल-पल वो हमें रुलाते रहे।
धन्यकुमार जिनपाल बिराजदार

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
खबर दर्द की
वो महफ़िल में यूँ ही आते-जाते रहे
और गजलें हम भी उन्हें सुनाते रहे।
उन्हें क्या खबर मेरे दर्द-ए-दिल की
कि पल-पल वो हमें रुलाते रहे।
धन्यकुमार जिनपाल बिराजदार
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