तुम्हारे खुदाओं को मैं जानता हूँ
सारे के सारे, तुम्हारे सहारे मैं जानता हूँ।
मर गए हैं सब के सब, कोई बचा नहीं
कुछ किताबों ने बचाया है, मैं जानता हूँ।
छुपाए बहुत कुछ कुदरत ने दामन में
बस आदमी में ही है ये बीमारी, मैं जानता हूँ।
हर आँख से देखता है कोई अपना-सा नूर
हर धड़कन में धड़कता है कौन, मैं जानता हूँ।
मिला दो कोई तो मुझे अपने ईश्वर के साथ
करिश्मा ये होगा ही नहीं, मैं जानता हूँ।
डराने-डरवाने की तरकीबें सब जानते हैं
डरावनी कहानियाँ जानते हैं लोग, मैं जानता हूँ।
खाली आसमान था, तुमसे देखा न गया
तुमने जन्नत ओ जहन्नुम भर दिया, मैं जानता हूँ।
चला है जो जानने खुद की हस्ती
आया है वो लेकर अपनी मस्ती, मैं जानता हूँ।
खुदा की आड़ चलाता है हर कोई अपनी खुदाई
किसकी चाल कितनी टेढ़ी है मैं जानता हूँ।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







