कविता : तुम्हारा दिल....
अभी तुम जबरदस्त
जवान हो
बहुत सुंदर चांद
समान हो
अगर तुम्हारा ठीक ठाक
पहले से सब है तो
किसी न किसी के साथ
पड़ चुका लव है तो
जल्दी से जल्दी अपनी
शादी रचाओ
उसीके साथ अपना
घर बसाओ
अगर किसी से लव नहीं
यूं ही बैठे सड़े हैं
हम इतने बुरे भी नहीं
लाइन में ही खड़े हैं
इधर उधर दिमाग
मत भगाओ
अपना वो दिल हमारे
से लगाओ
कौन सा ऐसा क्या
फरक पड़ेगा ?
हम दोनों का प्यार
ही तो बढ़ेगा
हम दोनों का प्यार
ही तो बढ़ेगा.......
netra prasad gautam


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







