(बाल कविता )
काम सभी के आता बस्ता
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विद्यालय नित जाता बस्ता ।
काम सभी के आता बस्ता।।
पेन-पेंसिल-कापी रख लेता ,
पड़े जरूरत तब दे देता ,
लालच-लोभ कभी ना करता ,
सदा सुरक्षित सब कुछ रखता ,
नहीं किसी को धोखा देता
सबका साथ निभाता बस्ता।
काम सभी के आता बस्ता ।।
टिफिन बॉक्स भी रख लेता है ,
लंच समय पर दे देता है ,
पानी की बोतल भी रखता ,
सही समय पर वापस करता ,
सबको सुविधा देने वाला
आखिर में क्या पाता बस्ता।
काम सभी के आता बस्ता ।।
बस्ते का है काम अनोखा ,
सिर्फ़ मदद का है ये झोंका
दुख देने से दुख मिलता है
सुख देने से सुख मिलता है
शिक्षा की सौगात लुटा कर
खुद को धन्य बनाता बस्ता ।
काम सभी के आता बस्ता ।।
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~राम नरेश 'उज्ज्वल'


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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