जीवन अपना योग्य बनाओ ।
विशेष नहीं सर्वश्रेष्ठ बनाओ ।।
भीड़ में चलना ठीक नहीं है ।
पृथक अपनी पहचान बनाओ ।।
अपनी सुरक्षा हाथ हो अपने ।
स्वयं को ही हथियार बनाओ ।।
मांगना कैसा , देश है तेरा ।
अपना भी अधिकार बनाओ ।।
डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
जीवन अपना योग्य बनाओ ।
विशेष नहीं सर्वश्रेष्ठ बनाओ ।।
भीड़ में चलना ठीक नहीं है ।
पृथक अपनी पहचान बनाओ ।।
अपनी सुरक्षा हाथ हो अपने ।
स्वयं को ही हथियार बनाओ ।।
मांगना कैसा , देश है तेरा ।
अपना भी अधिकार बनाओ ।।
डाॅ फौज़िया नसीम शाद
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