मेरे पास दिल है ख्वाब में नजारे भी आते।
उनकी याद ही बची मगर जबाव नही आते।।
अब जिन्दगी मेरी कहाँ बची उनकी समझो।
पहले की तरह अब उनके दबाव नही आते।।
अजीब जिद्द थी वही मशविरा पूरा करने की।
जिसमें डूबकर हमको अब सबाब नही आते।।
उनकी मर्जी से मुस्तकिल जगह बन तो गई।
अब इंतजार बना रहता पर जनाब नही आते।।
दिन महीना साल कट रहा खुदा के फजल से।
तम दूर करने को 'उपदेश' माहताब नही आते।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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