सौर किरण शुभ्र धवल,चमके मुकुट नवल नवल,
हिमगिरि की रजत रंग,मस्तक संवारती!
जल -तरंग -वारिधी,हिलोर जोर मारती,
हिंद महा सिन्धु भी ,पद कमल पखारती!
तुंग शिखा वक्ष से,पोहरों की दुग्ध धार
वन्य -जीव,वन-धरा की पिपासा निवारती!
डाली - डाली पंछी वृंद, मधुर मधुर प्रणय गीत,
सौंधी सुरभि मिट्टी की,हरेक मन दुलारती!
सौम्य हरित वादियां,झील, ताल, बदरियां,
देख देख हर नयन,अपलक निहारती!
हरेक धर्म,हरेक पंथ,राजा, कर्मवीर,संत,
दसों दिशा गा रहें, मां भारती की आरती!
जग -अमन की दूत बनें,आपका सपूत बने,
दे दो आशीष हमें,जय मां जय मां भारती!!
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







