उस शख्स का क्या करे जिसे याद आती नही।
खुशियाँ बेतहासा मिली मगर उसे सुहाती नही।।
ख्वाब इंतजार करते हैं फकत उस तसव्वुर का।
मगर इस बिस्तर पर नींद आँखों में आती नही।।
टूट कर बिखरी जरूर मगर अन्दर सलामत है।
वादे बेतहासा किए मगर वह घड़ी आती नही।।
मुस्कान चेहरे पर अब लबों की मोहताज नही।
खुशकिस्मती से यादें जिंदा जहन से जाती नही।।
एक तूँ जो मेरा होना ही नही चाहता 'उपदेश'।
इससे हारी जरूर लगती जिन्दगी मनाती नही।।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







