अरे! इतनी मोहब्बत करके,करेगा क्या?
खतम जीने की चाहत करके, मरेगा क्या?
भूख-प्यास,नींद - चैन,भूल गया है,सब,
अपनी ऐसी हालत करके,अब सड़ेगा क्या?
आगे आग-समंदर है, पीछे खंजर खंजर है,
बता, इतनी हिम्मत करके, अब गिरेगा क्या?
अपनों के, गैरों के, आंखों में,खटकते हो,
अरे! सभी से रूखसत करके,जीयेगा क्या?
रांझे की दुर्दशा,मंजनू की सजा,सुना क्या?
फिर भी ऐसी जुर्रत करके,अब मरेगा क्या?
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







