ये शाम तुम्हारी सोच पल भर की बेचैनी।
पलकें मूंदती आँखें उनके बिन यही होनी।।
देखते-देखते ख्याल बदल जाते ख्वाबों में।
हाथ पकड़कर उड़ने लगते देखकर हैरानी।।
चाँद सितारे गुल महक प्रेम छिपते ही नही।
उनकी खूबियों के आगे धक-धक बेईमानी।।
इश्क इबादत बन चुका जाने कब 'उपदेश'।
तन्हाई के पूछने पर चर्चाएं चली तो जानी।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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