कितने लोग चाहते हैं कि दुनियां में अमन और शांति बहाल हो जाए के
कमेंट करें ताकि पता चल सके कि दुनियां और अवाम का दुश्मन कौन है
खुदा के बाद तीसरी अज़ीम नबी हैं जो मुहम्मद S A W की उम्मत में आसमां से उतारे जाएंगे
दिन अंकरिब आ चुकी है ईसा मसीह दिखाई देने लगे हैं ज़ालिम ख़ाक हो जायेगा
कायनात वो मखलूकात की दुनियां में अदल इंसाफ़ की बारिश हो चारो तरफ
उनका वेलकम का आगाज़ आने वाले पच्चीस दिसंबर को अपने घरों में सफ़ेद झंडा लहराएं
कायनात डे पच्चीस दिसंबर को दुनियां की हर खित्ते में मनाए जब तक वह दिखाई नहीं दें
तारीफ जितना भी करूं कम होगा मेरी उम्र उतना नहीं जितना कि ईसा मसीह पा चुके हैं
वसी अहमद क़ादरी । वसी अहमद अंसारी
मुफक्किर ए मखलूकात । मुफक्किर ए कायनात
दरवेश । लेखक । पोशीदा शायर
तेरह फरवरी जुमा बीस सौ छब्बीस


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







