लोग मिल जायेगे खुशबुओ की तरह, मीठी मुस्कान चेहरे पर लाया करो, जो तेरे दर पर आते कभी थे नही , जुगनुओं की तरह जगमगाने लगे , ऐसी आभा तेरे अक्स में हो चली , भाव तेरे हृदय में सुबह रात दिन, मोतियो की तरह आने जाने लगे, गर इरादा हो तेरा पथिक प्रेम का, गीत बनकर वो संगीत गाने लगे, तूने ऐसी गुनी है अमिट साधना , भाव संभाव बनकर वो आने लगे ' लोग मिल जायेगे ,,,,,
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सर्वाधिकार अधीन है
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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