हम हारते ही गए उनसे वैसे फितरत न थी हमारी हारने की,
हम तो मर ही गए थे उनकी अदाओं से फिर संभाला खुद को जब मालूम हुआ कि
उनकी साज़िश ही थी हमें मारने की..!
----कमलकांत घिरी

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हम हारते ही गए उनसे वैसे फितरत न थी हमारी हारने की,
हम तो मर ही गए थे उनकी अदाओं से फिर संभाला खुद को जब मालूम हुआ कि
उनकी साज़िश ही थी हमें मारने की..!
----कमलकांत घिरी
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