"एक बूंद आंख का पानी"
रख सकों तो एक निशानी हूँ मैं,
खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं,
रोक ना पाए जिसको ये सारी दुनिया,
वो एक बूंद आँख का पानी हूँ मैं...
सबको प्यार देने की आदत है हमें,
अपनी अलग पहचान बनाने की आदत है,
कितना भी गहरा जख्म दे कोई,
उतना ही ज्यादा मुस्कुराने की आदत है हमें।
इस अजनबी दुनिया में अकेला ख्वाब हूँ मैं,
सवालों से खफा छोटा सा जवाब हूँ मैं,
जो समझ ना सके मुझे उनके लिए कौन,
जो समझ गए उनके लिए खुली किताब हूँ मैं।
आँख से देखोगे तो खुश पाओगे,
दिल से पूछोगे तो दर्द का सैलाब हूँ मैं,
अगर रख सकों तो एक निशानी हूँ मैं,
खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं।
मैं एक अनजान सी शख्सियत हूँ,
जिसे समझना हर किसी के बस की बात नहीं,
मैं एक ऐसा दर्द हूँ जो हर किसी को नहीं होता,
मैं एक ऐसा प्यार हूँ जो हर किसी को नहीं मिलता।
मैं एक ऐसा ख्वाब हूँ जो अधूरा है,
जिसे पूरा करने के लिए मुझे तुम्हारी जरूरत है,
मैं एक ऐसा सवाल हूँ जिसका जवाब तुम्हारे पास है,
मैं एक ऐसा जवाब हूँ जो तुम्हारे दिल में छुपा है।
मैं एक ऐसा संगीत हूँ जो हर किसी को नहीं सुनाई देता,
मैं एक ऐसा रंग हूँ जो हर किसी को नहीं भाता,
मैं एक ऐसा शब्द हूँ जो हर किसी को नहीं समझ आता,
मैं एक ऐसा भाव हूँ जो हर किसी को नहीं महसूस होता।
लेकिन अगर तुम समझो तो मैं एक खुली किताब हूँ,
जिसमें तुम्हारे सभी सवालों के जवाब हैं,
अगर तुम देखो तो मैं एक सुंदर दृश्य हूँ,
जिसमें तुम्हारे सभी सपने हैं। 💫
रचनाकार- पल्लवी श्रीवास्तव
ममरखा, अरेराज, पूर्वी चम्पारण (बिहार )


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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