फ़ख़्र है हमें कि हम सब हिन्दुस्तानी है
अद्भुत संगम यहांँ त्रिवेणी की रवानी है
अनेकता में एकता मिसाल बेमिसाल है
शहीदों के लिए आँखों से बहता पानी है
गर पड़ेगी नज़र दुश्मनों की देश पर हमारे
नेस्तनाबूद करने की हम सबने ठानी है
हरी-भरी धरती को रक्तरंजित करते हैं लोग
हम सब हैं भाई-भाई कहना भी बेमानी है
मिट चुकी इंसानियत जागती नहीं ज़मीर
अशिक्षित हैं तभी तो होती इनसे नादानी है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







