एक तू ही तो मेरी अपनी है,
बाकी तो दुनियां पराई है।
मैं अपने दुःख,दर्द,खुशियां बस तेरे सामने ही तो
ज़ाहिर कर सकती हूॅं,
क्योंकि तू ही तो मेरी अच्छी सहेली है।
एक तू ही तो है जो मेरी खुशियों की दुआ करती है,
बाकी दुनियां तो मेरी खुशियों से जलती है।
हमने अपनी मंज़िल को पा लिया,
इसी खबर के इंतज़ार में तू बड़ी बेताब रहती है।
एक तू ही तो है जिसे मैं अपनी हर एक बात
बता सकती हूॅं,
बाकी दुनियां तो मेरी बदनामी के प्रचार में
लगी रहती है।
तू मेरे हर राज़ को छुपा लेती है,
जबकि ये दुनियां तो मेरी अच्छी बात को भी
बुरा बता कर पेश करती है।
एक तू ही तो सच्ची है,
बाकी दुनियां तो स्वार्थी है।
तू मुझसे हमेशा बिना काम के ही
मिल लेती है बात कर लेती है,
बाकी सभी तो काम पड़ने पर
याद करने वाले साथी हैं।
💐 रीना कुमारी प्रजापत 💐
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







