एक हादसा भँवर की तरह आ गया।
धड़कने बढ़ गई अँधेरे से घबरा गया।।
साँसों में वही याद राहत लेकर आई।
नींद खुलते ही करीब का सहारा गया।।
करवटें बदलने लगे पानी-पानी होकर।
खामोशी छाई रही सुकून प्यारा गया।।
नींद आती नही ख्वाब दूर की कोड़ी।
सब से करीबी 'उपदेश' सितारा गया।।
रोशनी में उसको सुकून न आया होगा।
मोहब्बत समझेगा कौन किनारा गया।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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