दिल में एहसास भर नहीं पाये ।
तुमको छूकर गुज़र नहीं पाये ।
इतने नज़दीक तेरे आकर भी,
हाय ! हम क्यों बिखर नहीं पाये।
कैसी मजबूरियां थी किस्मत में,
दिल की हम ले खबर नहीं पाये।
तुमने कोशिश तो की मगर हम भी।
दिल से अब तक उतर नहीं पाये ।।
हमको खुद से रहा यही शिकवा,
जो था करना वो कर नहीं पाये ।
----डाॅ फौज़िया नसीम शाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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