छोड़ के गऊंवा
प्यार के गऊंवा
शहर में अईनी दू पईसा कमाये खातिर
हमका जननी अईनी सब गंवाये खातिर
लोगवा लोगवा के चिन्हे
बैठ के पईसा खाली गिने
गऊंवा छोड़ के शहर अईनी
ना पईसा,ना इज्जत कमईनी
शहर छोड़ के अब कहां जाई?
चल गऊंवे में कुछ कमाईं
कम से लोगवा उहा चिन्हता
प्यार से बोलता हमरा के गिनता
भले महुआ बीनता
भले जमुनिया बीनता
गऊंवा में पलानी बा
टप टप पानी चूअता
कितबिया भींजता
पर प्यार रस बरसे गऊंवे में
अमृत रस बरसे गऊंवे में
चल, चलीं गऊंवे में
पीपल के छऊंवे में
चल चलीं गऊंवे में।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







