Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas MishraThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

बिरादरी में उसकी भी इज़्ज़त हैं ये मेरे इश्क़ सें ज्यादा हैं

प्यार का तो नहीं पता पऱ उसका मान जान सें ज्यादा हैं
उसका इश्क़ सर माथे पऱ,पऱ मेरी जात ही मेरी बाधा हैं

माना बगावत करदूँ उसके इश्क़ के ख़ातिर पऱ फिर भी
मेरें और उसके परिवार की इज़्ज़त भी मेरे हिस्से आता हैं

मैंने माँगा ही नहीं कभी उसका होना पऱ सम्मान माँगा हैं
बिरादरी में उसकी भी इज़्ज़त हैं ये मेरे इश्क़ सें ज्यादा हैं

मेरा सौभाग्य हैं,उसने चुना परिवार मेरा मेरी इज़्ज़त भी
सर उसके कदमो में रख दूँ, ईश्वर का अंश जैसे आधा हैं

पा तो अब भी ले बस मेरी इज़्ज़त और मान में अटका हैं
ऐसा पुरुष सर माथे पऱ जैसे इश्क़ में वो बिल्कुल राधा हैं

ज़िस्म क़ो पाना मोटा खेल नहीं ये मसला तो रूह का हैं
उसने पाया हैं रूह क़ो मेरी, और यहीं इश्क़ का धागा हैं

टूटा हुआ वो एक बेखौफ लड़का मेरे अश्क़ो सें डरता हैं
बस मेरे सम्मान के आगे हार गया,भाग्य मेरा अभागा हैं..
-कृष्णा शर्मा




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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (4)

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सुप्रिया साहू said

मोहब्बत के साथ साथ उनकी इज्जत भी कर रही प्रेमी और प्रेमिका, बहुत खूबसूरत रचना मैम 👌👌, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

कृष्णा शर्मा replied

बहुत-बहुत शुक्रिया 🙏😊
सादर प्रणाम 🙏😊

Lekhram Yadav said

रूह के लिए तङपते और जात के बंधन में जकङे एक ऐसे इश्क की दास्तां बयां करती और दिली कशमकश का एहसास कराती एक अधूरी और प्यार भरी रचना, आपको सादर नमस्कार
मगर .........
हर बात में सम्मान का मसला न उठाया कर
जात के बंधन में खुद को न तङपाया कर
इश्क तो इबादत है खुदा की ये जान लो
ये रिश्ता है रूह का इसे न आजमाया कर

कृष्णा शर्मा replied

वाह्ह्हह्ह्ह्ह sir क्या लिखा हैं 👏👏👏👏
बहुत ही खूबसूरत 👏👏👏
बहुत-बहुत शुक्रिया 😊🙏
सादर प्रणाम 🙏😊

पवन कुमार "क्षितिज" said

प्यार, समाज, इज्जत और हालातों के कशमकश को बयां करती हुई खूबसूरत रचना...

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

वाह अतिसुंदर भाव 👌🙏🙏 मोहब्बत में एक दूसरे के आत्मसम्मान की रक्षा करना, प्यार का एक सुन्दर पहलू है 👌👌🙏🙏 जातीय व्यवस्था बड़ी जटिल व्यवस्था है जिसमें बंधकर सबको जीना पड़ता है। खूबसूरत रचना 👌🌹🙏

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