हाले दिल हमने अभी तक बतलाया नहीं है
एक मुद्दत से यहाँ कोई भी आया नहीं है
रोते रोते लोग खुद क्यों बेवजह हंसने लगे
वो पुराना राग हमने अभी गाया नहीं है
क्या खबर थीं हमें यों रुसवाईयां मिलेगी
झूंठ अच्छा हमने कभी बतलाया नहीं है
ऐसा लगता है यहां सब दिल के पहरेदार हैं
जानकर हमने आइना दिखलाया नहीं है
उखाड़ते हैं गड़े मुरदे यार मिलकर वक्त से
दास कोई राज तो कभी दफनाया नहीं है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







