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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

बस याद आती है तुम्हारी - सुप्रिया साहू

बस याद आती है तुम्हारी,
पर कोई आवाज़ नहीं आती,
चूर चूर हो जाती हूं मैं अब,
खलती है हमेशा कमी तुम्हारी...।।

मैं जिंदा हूँ या मर गई हूँ,
तुझे खोने के बाद मैं,
सारे सपने को तोड़ चुकी हूँ,
जब देखती हूँ चांद सितारों को,
एक तारा टिमटिमाता है,
ये तुम हो सोचकर बस मन मुस्काता है..।।

नदी का पानी बह जाता है,
मगर कल कल करती,
आवाजें उसकी वही रह जाता है,
जैसे जिस्म नहीं होते,
पर उनकी हरकतें सांसों में समा जाता है...।।

तेरी याद बस ऐसे ही आती है,
जैसे सावन में बरसात आती है,
बस कमी रहती है तेरे साथ भींगने की,
मेरी वो ख्वाहिश अब मर सी जाती है...।।

- सुप्रिया साहू




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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (6)

+

ललित दाधीच said

क्या बात है, क्या लिखा है, बहुत खूबसूरत पंक्तियाँ 😀😀❤️❤️🙏🙏 Aur सब बढ़िया, स्वास्थ्य ka ध्यान रखें और रचनाएं लिखकर हमें यू ही आनंदित करें 🙏🙏🤝🤝🤝

सुप्रिया साहू replied

बहुत-बहुत आभार एवं धन्यवाद सर 🥰,जी मैं बिल्कुल ठीक हूं🤗,आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

जयश्री विलास जोधंळे said

दर्द से भरी हुयी रचना बहुत सुदंर

सुप्रिया साहू replied

बहुत बहुत आभार एवं धन्यवाद मैम 🥰, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

आलम-ए-ग़ज़ल - परवेज़ अहमद said

तेरी याद बस ऐसी ही आती है, जैसे सावन में बरसात आती है!
वाह! बहुत ख़ूब! बेहतरीन रचना! लाजवाब कविता लिखी है आपने, सुप्रिया जी! 👌👌👏👏❤️🙏🙂

सुप्रिया साहू replied

बहुत बहुत आभार एवं धन्यवाद सर 🥰, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

वन्दना सूद said

very heart touching

सुप्रिया साहू replied

Thank you so much mam 🥰🙏.

सरिता पाठक said

बहुत मार्मिक दर्द भरी रचना 👌🙏🌹

सुप्रिया साहू replied

बहुत बहुत आभार एवं धन्यवाद मैम 🥰, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

किसी के बिछड़ने से उसकी यादों में टूट चुकी एक नायिका की दर्द भरी दास्तां। वाह! सुप्रिया जी श्रृंगार रस में भीगी हुई खूबसूरत रचना 👌🌹 अपनी ख्वाहिश जिंदा रखिए 🙏🙏🙏🙏

सुप्रिया साहू replied

जी जरूर सर 🤗, बहुत बहुत आभार एवं धन्यवाद सर 🥰, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

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