अपुन को तेरीच वास्ते ही जीना है
चाहे कुछ भी हो,तेरीच वास्ते मरना है।
फिकर,अपुन की डिक्शनरी में हइच नइ,
अक्खा ज़माने से, बिल्कुल नहीं डरना है।
तेरे वास्ते अपुन अक्खा शहर जला डालेगा,
कर ले चाहे जिसको,जो भी करना है।
तू सबको ठेंगा दिखा, अपुन के पास आ,
अपुन लड़ लेगा,जिस जिस से लड़ना है।
फ़ाड़ के देख, सीने में तेरीच फोटू दिखेगा
अक्खा लाईफ अब, तेरे संग सेट करना है।
सगाई, अंगूठी के लफड़े में नइ पड़ने का
डायरेक्ट बारात,ब्लड से मांग भरना है।
कोई भंकस करेगा,मुंडी काट डालेगा
तेरीच वास्ते जीना,तेरीच वास्ते मरना है।।
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







