एक पल के लिए लगा कि
वक़्त ठहर-सा गया है,
फिर एहसास हुआ कि ठहरा नहीं है,
इंतज़ार में है उन अपनों की
जो समय की रफ़्तार में कहीं पीछे छूट गए थे ।
वन्दना सूद
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
सर्वाधिकार अधीन है

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

Show your love with any amount — Keep Likhantu.com free, ad-free, and community-driven.
The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
एक पल के लिए लगा कि
वक़्त ठहर-सा गया है,
फिर एहसास हुआ कि ठहरा नहीं है,
इंतज़ार में है उन अपनों की
जो समय की रफ़्तार में कहीं पीछे छूट गए थे ।
वन्दना सूद
© 2017 - 2026 लिखन्तु डॉट कॉम