मन को तौलने लगे तो,
ऐसा कोई बाट न मिला,
जो हमारे अहम् को तौल सके॥
वन्दना सूद
इंसान हर किसी को परखता है कभी ख़ुद के अंदर छिपे अहम् की गहराई को समझा होता तो अच्छा होता ।
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







