बिधि के विधान केहू,लेखले न पावें।
जाहि बिधि लैखें प्रभु,ताहे बिधि होवें।।
विद्यार्थी जा,पर भावे।
शिक्षा नीति,परम प्रिय अपनावे।।
प्रातः काल,उठकर बालक।
मात-पिता गुरु नावहिं चरनालक।।
कण-कण में व्याप्त है,जिसकी काया।
वह है भैया,प्रभु श्री राम की माया।।
समय समय की बात है,समय समय के हाथ है।
समय जो त्यागे,वह दुनिया में बर्बाद है।।
मात-पिता गुरु के जे कोई आदर करही।
बिन चारों धाम के,भव सागर तरही।।
राम की माया,राम ही जानें।
बहु विधि सब,कुशल कुशल पहिचाने।।
मन धरि धीरज,धरि लेई कोई।
सात समुंदर,पार होई जाई ।।
विधि पर विधाता जैसे रचि रचि राखे।
तैसे होई केह,विधि मोहि बाखे।।
नाम : बाल कवि बाल वैज्ञानिक - 🙏ठाकुर अभय प्रताप सिंह 🙏


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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