गुज़रे लम्हों में खो कर वक़्त अपना बर्बाद न करो
दर्द दे जो वाक़्या भूल जाओ उसे कभी याद न करो
चुरा लो सिर्फ़ उन एहसासों को जो हो शबनमी
सजा लो उसे पलकों पर कोई और फ़रियाद न करो

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
गुज़रे लम्हों में खो कर वक़्त अपना बर्बाद न करो
दर्द दे जो वाक़्या भूल जाओ उसे कभी याद न करो
चुरा लो सिर्फ़ उन एहसासों को जो हो शबनमी
सजा लो उसे पलकों पर कोई और फ़रियाद न करो
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