आशिक़ी में हद से गुजरना,
इतना जरूरी क्यों है !!
आखिर क्या मिलता है,
इस धमाचौकड़ी में !!
ये तो बताओ आशिक़ी में,
इतनी बन्दगी क्यों है !!
क्या लॉटरी लग जाती है,
या नौकरी ??
जीवन के सफर मे आशिक़ी की,
इतनी एबिलिटी क्यों है !!
इसका भी कोई वेकेन्सी निकलता,
काश ऐ दोस्त मेरे !!
एक्सपेरिएन्स इतना आशिकी का,
काम आता नहीं क्यों है !!
- वेदव्यास मिश्र की हसीन😍कलम से..
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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