अब हम ज़ुबां से कम
आंखों से ज़्यादा बातें करते हैं,
हमारा मिलना पसंद नहीं लोगों को
इसलिए हम दूर से ही
आंखों - आंखों से मुलाक़ातें करते हैं।
🖊️ रीना कुमारी प्रजापत 🖊️
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







