आदत हो गई मुझको शायरी लिखने की।
अब कोई मिलता नही गुंजाइश है बात करने की।।
ख्वाब में कल मिल लिए तुमसे 'उपदेश'।
तमन्ना है रहेगी आमने-सामने मुलाकात करने की।।
तुम्हारी टिप्पणी दिल को मरने नही देती।
कुलबुलाहट तुझमे भी जाहिर इबादत करने की।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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