यूँ ही हर किसी पर भरोसा नहीं करती मैं,
मेरे यक़ीन को पहले कमाना पड़ेगा तुमको ही।
ज़रूरी नहीं कि मैं हर बार पास आऊँ,
उससे पहले तुमको ही मेरे पास आना पड़ेगा
रुकना पड़ेगा मेरे लिए, इंतज़ार सीखना होगा,
रास्ता लंबा है, हर क़दम पर चलना होगा।
अगर चाहा है मेरे साथ ठहरने का,
तो सब्र रखना होगा—अंतिम साँस तक सहने का।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







