यार तुम बढ़े चलो,
बढ़े चलो बढ़े चलो !!
बाधाओं को पार कर,
निकल चलो निकल चलो !!
खड़ी है मौज यार मेरे,
बस दो क़दम के सामने !!
अग्रसर हो आगे बस,
गले मिलो मिलके चलो !!
हर बाधा अवसर है,
हर मुश्किलें अवसर है !!
सफल होने का,
हर ढंग अवसर है !!
अवसरों से भरा है
संसार ये समझ चलो !!
रातें हसीन होंगी,
सफर हसीन होगा !!
सब मन के जैसा चाहिए,
हर कष्ट सहना होगा !!
वो देख दुर्ग दिख रहा,
फ़तह उसे कर चलो !!
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







