माता लक्ष्मी कर कृपया इतनी ll
वो बन जाए दुल्हन मेरी ll
वर्षों से करता आ रहा हूं सेवा तेरा ll
इतना आशीर्वाद दे देना कि वो बन जाए अर्धांगिनी मेरी ll
मां जैसे तू अच्छा लगती है नारायण के साथ ll
वैसे ही वो अच्छा लगती है मेरे साथ ll
पहली दुआयों में मां तुझसे सिर्फ उसे ही मांगा हूं ll
कभी न जाए उसके चेहरे की खुशी ll
इसलिए मैने खुदा को उसके लिए मांगा हूं ll
पिता के साए के बिना बड़ी हुई है वो लड़की ll
जिसकी खुशी का दुआएं ll
तुझे से हर पल मैने मांगा है ll
वो इश्क बन गई है मेरी ll
उसका हमसफर मुझे बना दे माँ ll
लेखक
शिवम् जी सहाय


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







