ख्याल कैसे- कैसे
हम सुधर कर पश्चाताप की आग में जल रहे हैं
कुछ लोग इस जमाने को सुधारने पे चल रहे हैं
वो महात्मा बुद्ध का अवतार, समझते हैं खुद को
ये सोच कर सुधारवाद का झंडा बुलंद कर रहे हैं
उन की नजर में हैं हम, खूनी लुटेरे और पापी
वो नहा कर बुद्ध की गंगा में शुद्ध हो रहे हैं
वो परिचित हैं मेरी जिंदगी के, हर एक राज से
ये मालूम नहीं है नजर वो कब से रख रहे हैं
उनका दावा है कि हम कभी सुधर नहीं सकते
वो किन गलतफहमियों में, न जाने पल रहे हैं
अच्छा होता वो भी खुद को, सुधार लेते यादव
ख्याल कैसे न जाने उन के, दिल में पल रहे हैं
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







