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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

मुझे आज़माया बहुत है

#blog- "मुझे आजमाया बहुत है"


...बात कुछ ऐसी है। कि ये जो दुनिया हेना पुरी विश्वास, साथ, मानवता से चलती है। मगर ये सब शब्द मात्र शब्दों में सिमट कर रह गए हैं ,क्योंकि आज की दुनिया तो अलग है।इसको बस अपना अपना नज़र आता है। "मैं "की भावनाओं में लिपटा इंसान किसी और की सफलता से जल जाता है...

✍ऐसे में जरा सोचिए इतनी संकीर्ण मानसिकता वाले लोग जब किसी से जुड़ते हैं तो वो निश्चित ही..समाने वाले इंसान को आज़मायेगा।
पता हे वो कैसे आज़मायेगा ,आपको वो पहले तो अपना बनायेगा ,और मीठी-मीठी बातें करेगा, आपको प्यार देगा,आपकी केयर करेगा,,जो हो पायेगा करेगा, और फिर कुछ समय बाद आपको अपना स्वार्थ सिद्ध करने लग जायेगा ,क्योंकि आपको आजमाना जो था..!..

😊इंसान की अच्छाइयों से लोग जुड़ते हैं मगर यदि समाने वाले से गलती हो जाये या ,वो आपको मदद ना कर पाया तो, आप फिर बेहतर विकल्प खोजना शुरू कर देते हो ...
आप ये बात क्यों भूल जाते हो की, किसी को अपने साथ देने का वादा किया है। और किसी की भावनाओं से आप खिलवाड़ किये हो ,आप अपना स्वार्थ दिखा कर कहीं और चल पड़े,....

क्यों आजमाईश की जब जाना ही था
क्यों साथ का वादा किया, जब दुसरे को अपनाना था।

🧿वास्तविकता यही है आज की यहां हर कोई बेहतर विकल्प की खोज में लगा है.. एक अच्छे रिश्ते या मानवता की यही पहचान है ।की लोगों को गलतियों से सीखने दो मगर साथ रहकर उनको अलग करके नहीं..।

📌बात साथ देने की नहीं है।बात है साथ रहकर समझाना, साथ लेकर आगे चलना,उसको आगे बढ़ना में रास्ता बताना ना कि आजमाना..! बेहतर विकल्प की होड़ में लोग एक दिन मुंह के बल गिरते हैं। इसलिए अपना मुंह को ख़राब ना होने दें, वरना कोई मैकअप आपको फिर बेहतर विकल्प खोजना का मौका नहीं देगा।


🙏🫵शुक्र कीजिए कि आपको कोई इतना मनाता है, आपको से प्यार भरा नमस्कार रखता है ,आपका साथ निभाता है।आपका हाथ पकड़े रखता है ,आपकी मुश्किलों में सबसे आगे खड़ा नजर आता है ,.....
🌺फिर भी यदि आपको ऐसे व्यक्ति की क़दर नहीं है ,तो आप फिर उस जज़्बात को जीने और पाने योग्य नहीं हो,, "स्वार्थ की आग में जल डालोगे तो अंत में धुआं ही धुआं नजर आयेगा"...!खुद को बेहतर बनाने की जगह लोगों से झूठ, कपट,धोखा ,विश्वासघात करने से स्वयं को क्यों कचरा बना रहे हो।...
❤️मानवता मिली है ,यदि तो खुद को पहचान लो,, भगवान ने कुछ भी मुफ्त में नहीं बनाया है।हर प्रश्न का उत्तर जिस प्रकार है वैसे ही हर व्यक्ति विशेष अनमोल है।

🧠याद रखियेगा... यदि अपने किसी का बुरा किया है तो आप अपनी बारी का इंतजार ज़रूर करना।ये कर्म का सिद्धांत है लौट कर जरूर आयेगा।

👍इसलिए आजमाना बंद करो,अपनाना सीखों ,और खुद के अंदर छिपे विकल्पों को पहचानों इससे बेहतर कोई विकल्प इस ब्रह्मांड में विचरण नहीं करता।
😊हंसों और हंसाओ,अपने सुख को विस्तृत कर लो सबको सुखी बनाओं।

निम्न लाइनों में खुद को बंधियेगा।🌱

"आज़माने में वक्त खर्च कर दिया,
वो एहसास तो छू ना पाये तुम।
देख पाये तुम आंखों को,
आंखों में विश्वास को ना पाये तुम।

✍उम्मीद है अपनी विचारों को लेखनी के माध्यम से आप तक पहुंचा पाने में कितना सफल रही हूं...मगर मैं जानती हूं की पता सबको है पर लोग अंतर्मन से अंजान है।
Discover in YOURSELF 📌

#deep line's
#धन्यवाद🌸🌺🌼

WRITER - NEETU NAGAR (AMBER)




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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (1)

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कवि प्रशांत सोऊ said

वैसे जिंदगी तो आजमाते हर किसी को है पर जो कवियत्री नीतू नगर ने अपने जीवन से सीखे हुए अनुभव से इस कविता को लिखा है ना वह बहुत ही सुंदर शब्दों की माला में पिरोया है बहुत-बहुत खूब कवियत्री नीतू नागर

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