सुख में तो सब साथ ही नज़र आते हैं
कभी किसी की विपत्ति में साथ निभाकर देखना
उसकी आँखों में जब अपने लिए दुआएँ देखोगे
तब सांसों की सही क़ीमत समझ में आएगी
ज़िन्दगी जीने की सही राह मिल जाएगी
मन को खुश होने की सही वजह नहीं ढूँढनी पड़ेगी
बटवारा सम्पत्ति का न होकर विपत्ति हो जाया करे तो जीने का सलीका आ जाए..
वन्दना सूद
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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