(बाल कविता)
मीठे सुर में गाती बुलबुल
"""""""""*
घर में आती-जाती बुलबुल ।
सबका मन हर्षाती बुलबुल ।।
डाल-डाल पर उछले-कूदे
हाल-चाल पेड़ों से पूछे
बाग-बगीचे, घनी झाड़ियों
में ही झोंझ बनाती बुलबुल ।
सुंदर-सी है सिर पर कलगी
तन है पतला, दुम है लम्बी
जाने कहाँ प्रशिक्षण लेती
मीठे सुर में गाती बुलबुल ।
भूरे जैतूनी मटमैले
काले कबरे हल्के पीले
धब्बे लाल और चमकीले
रंग-बिरंगी भाती बुलबुल ।
बहुत ऊर्जावान है चंचल
खाती जामुन फूल और फल
मन में मैल कभी न रखती
खुशियाँ सदा लुटाती बुलबुल ।
________
~राम नरेश 'उज्ज्वल'


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







