मुलायम ठंडी और मीठी हो तुम
कैसे बताए एकदम लस्सी हो तुम
खुशबू में घुली मन में बसी
जैसे अमृत की चुस्की हो तुम
मलाई की परत कोमल सा रूप
भीतर से ठंडी सुकून से भरी
गिलास में सजकर जब आती हो तुम
कैसे बताए एकदम लस्सी हो तुम
मिट्टी की मटकी स्वाद में खास
हर घूंट में जैसे ताजगी का एहसास
सौरव के दिल में कब से अटकी हो तुम
कैसे बताए एकदम लस्सी हो तुम


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







