(बाल कविता)
कोयल रानी
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कोयल रानी , कोयल रानी।
बोल रही हैं मीठी वाणी।।
बौर आम के लगे हुए हैं
नन्हें फल भी छिपे हुए हैं
डोल रही मस्ती में डाली
झूम रही बगिया मतवाली
सबको सुख पहुँचाने वाली
शीतल मंद हवा मस्तानी।
कोयल रानी , कोयल रानी।।
कुहू कुहू कर गीत सुनाए
जीवन में खुशहाली लाए
कोयल कहती मीठा बोलो
कानों में अमृत रस घोलो
हृदय दुखी हो जाए तुमसे
करना मत ऐसी नादानी।
कोयल रानी , कोयल रानी।।
तन काला, मन गोरा करना
शुद्ध विचार हमेशा भरना
सही राह अपनाना हरदम
जीवन में मुस्काना हरदम
छल से दूर निरन्तर रहना
करना नहीं कभी बेमानी ।
कोयल रानी , कोयल रानी।।
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~राम नरेश 'उज्ज्वल'


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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