किताब हाथों में उठाई
और मुस्कुराई
कितनी दौलत भरी है तुझमें
सोना,चांदी,हीरा,मोती
सब मिल जाता है
किताब जब तू
हाथों में आती है
धन,दौलत गाड़ी,बंगला
जेवरात,शोहरत सब
फीके पड़ जाते हैं
जब तू मंद-मंद मुस्कुराती है
पहला पन्ना स्पर्श से
धरती के सारे
सुमन मुस्कुराने लगते
दूसरे पन्ने में जन्नत की
सैर हो जाती
तीसरा पेज देता चेहरे पर तेज
चौथा पन्ना चंद्रमा सी अलौकिक चमक
पांचवां पन्ना देता परम शांति
छठा पन्ना कर देता गमों की छुट्टी
सातवां पन्ना में सूर्य सी आभा
आठवां में अद्भुत खुशी
नौवां में एक अलग नयापन
दसवां पन्ना दिल के करीब
ग्यारहवां पन्ना में गजब की गरिमा
बारहवां व्यवहार कर देता निर्मल
मैं सोचती हूँ
ये धरती तुम्हारे बिन
कैसी होती
तुम्हारे बिना
न दिन गुजरता है
और न रात
मुकम्मल होती है।।
-ममता तिवारी


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







