नेताजी मरे
जनता रोई फूंट
हँसा महल l
हँसी शैम्पेन
व्हिस्की स्कॉच के बीच
सगे संबधी l
सिगार जली
धुँवा हुए नेताजी
बारमबार l
संपत्ति शव
जमा हुए गिद्ध सौ
संशयाकुल l
बची न बोटी
नेताजी बैठे खूंटी
जगतरीत l
✍️ प्रभाकर, मुंबई ✍️

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
नेताजी मरे
जनता रोई फूंट
हँसा महल l
हँसी शैम्पेन
व्हिस्की स्कॉच के बीच
सगे संबधी l
सिगार जली
धुँवा हुए नेताजी
बारमबार l
संपत्ति शव
जमा हुए गिद्ध सौ
संशयाकुल l
बची न बोटी
नेताजी बैठे खूंटी
जगतरीत l
✍️ प्रभाकर, मुंबई ✍️
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