पर्व-तीज़ त्योहार अपनापन
की खुशबू लेकर आते हैं
प्यार का अनमोल तोहफ़ा
हम एक-दूसरे को दे पाते हैं
जब-जब आता है त्योहार
मन में खुशी का दीप जल जाता है
सारे गिले-शिकवे एक तरफ़
सभी एकता की डोरी में बंध जाते हैं
मुस्कुराहट सजती है हर चेहरे पर
सारी दुनिया खुशियों के रंग में रंग जाती है
हिंदुस्तानी होने का गर्व बहुत है
हमारे यहां पर्व-तीज़ त्योहार बहुत हैं
दो दिन में ही आ जाता है
कोई न कोई त्योहार
दिल में होती हैं खुशियां अपार
होली दिवाली छठ पूजा में
सज जाता है घर-द्वार
जगमग-जगमग हो जाता है
गांव शहर बाजार
बच्चे सयाने बुजुर्ग सभी
फूले नहीं समाते हैं
उत्साहित होकर उमंग से
गीत खुशी के गाते हैं
अपने घर-द्वार को
स्वर्ग जैसा चमकाते हैं
ख़ुशी की खुशबू से
सारी दुनिया महकाते हैं
मन में खुशियों के
अनगिनत दीये जल जाते हैं
जब पर्व त्योहार सभी
साथ मिलकर मनाते हैं
भारतीय एकता के प्रतीक
यूँ ही नहीं कहलाते हैं
सभी पर्व-तीज़ त्योहार
एकजुट होकर मनाते हैं
हम भारतवासियों की
बात ही निराली है
खुशियों में चार चांद लगाने
आ रहे हैं दिवाली और महापर्व
छठ पूजा का पावन त्योहार
दिल हर्ष उल्लास से भर जाता है
मन में आस्था और श्रद्धा के
असंख्य फूल खिल जाते हैं
जब पावन मनभावन"महापर्व
छठ पूजा"का त्योहार आता है
हिंदुस्तानी होने का गर्व बहुत है
हमारे यहां पर्व-तीज़ त्योहार बहुत हैं
दो दिन में ही आ जाता है
कोई न कोई त्योहार
दिल में होती हैं खुशियां अपार।।
-ममता तिवारी


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







