जब दिल हो उदास
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कभी-कभी ज़िंदगी में ऐसा समय भी आ जाता है जब हमें कुछ भी अच्छा नहीं लगता। न हँसने का मन करता है, न किसी से बात करने का। ऐसी स्थिति में दिल को “हैप्पी” रखने के सारे विकल्प मानो फेल हो जाते हैं।ध्यान रहे—थोड़ी देर की उदासी स्वाभाविक है, लेकिन अगर यही उदासी लंबे समय तक बनी रहे तो यह डिप्रेशन का रूप भी ले सकती है। इसलिए समय रहते सतर्क होना ज़रूरी है।
उदासी से बाहर निकलने के लिए कुछ उपयोगी टिप्स
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■अपनी पसंदीदा गतिविधियों में खुद को व्यस्त रखें।
जो काम आपको अच्छा लगता है, उसे करें। इससे मन को सुकून मिलेगा और आप अधिक कंफर्टेबल महसूस करेंगी।
■ मेडिटेशन करें ध्यान करने से थका हुआ दिमाग़ रिलैक्स होता है और मानसिक शांति मिलती है।
दोस्तों और रिश्तेदारों से बात करें।
■ फोन पर या इंटरनेट के ज़रिए चैट करें, या उनके साथ कहीं घूमने निकल जाएँ। हल्की-फुल्की गपशप भी उदासी दूर करने का अच्छा तरीका है।
■ पानी का भरपूर सेवन करें पर्याप्त पानी पीने से शरीर के साथ-साथ मन को भी आराम मिलता है और उदासी कम होती है।
■ गलत आदतों से बचें उदासी में सिगरेट, चाय-कॉफी या शराब का अधिक सेवन न करें। ये चीज़ें उदासी बढ़ाती हैं और सेहत को भी नुकसान पहुँचाती हैं।
■आत्मविश्वास बनाए रखें जो अच्छा लगे वही करें। “ऑल-राउंडर” बनने की चाह में खुद को दबाव में न डालें। खुद को साबित करने की कोशिश सहज और सकारात्मक तरीके से करें।
■ सदैव सकारात्मक नज़रिया रखें खुद खुश रहने का प्रयास करें और दूसरों को भी खुश रखने की कोशिश करें।
■ अपने मन की बातें साझा करें अपनी परेशानियाँ अपने पार्टनर या किसी भरोसेमंद दोस्त से ज़रूर शेयर करें। अक्सर अनसुलझी समस्याएँ आगे चलकर डिप्रेशन और आत्मघाती विचारों का कारण बन जाती हैं।
■ परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताएँ यक़ीन मानिए, ऐसा करने से उदासी आपके पास भी नहीं आएगी।
डॉ. फ़ौज़िया नसीम ‘शाद’


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