ये हरगिज़ मुम्किन नहीं के हर शख़्स को आइना में अपनी सूरत अच्छा नज़र आता है
गर कोई मदहोशी या दीवानगी में देखे आइना तो अपना सर या आइना तोड़ देता है
दिमाग काबू में रखना और आईने की परख समझना हर आदमी में में नहीं होता
गर ऐसा होता तो खुदा की पुतला बनाकर हर कोई पूजता खुदा देखने की नहीं यकीन रखने की है
वसी अहमद कादरी । वसी अहमद अंसारी ।
मुफक्किर ए कायनात । मुफक्किर ए मखलुकात
दरवेश । लेखक । पोशीदा शायर


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







