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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

ये आंखें बात करती हैं

ये आंखें बात करती हैं

अगर खामोश हो ये दिल, ये आंखें बात करती हैं

वो, चुप रहते हैं अक्सर, यह आंखें बात करती हैं

अपनी जिन्दगी में अब तो, वो मशरूफ इतने हैं

अक्सर खामोश रहकर भी ये आंखें बात करती हैं

अगर भर जाए आंखों में, इस बादल का ये पानी

तब मिल कर ये बादल से बहुत बरसात करती हैं

छलकती है शरारत जब भी इन खामोश आंखों में

खुशी, में मदहोश हो कर, ये आंखें बात करती हैं

ये जब भी सुर्ख होती हैं, धधक जाती हैं गुस्से में

मगर गुस्से में भी ये आंखें हम से बात करती हैं

गर लबरेज हो गम से तब ये तन्हाई में अक्सर

लिपटकर उदासी में हमसे ये आंखें बात करती हैं

कोई हो वक्त और मौसम, कहां रूकती है ये बातें

वक्त मिलता है जब भी, ये आंखें बात करती हैं

करते, रहना बात अब तुम, यूं ही अपनों से यादव

मिले न नजर से नजर, कहां आंखें बात करती हैं


यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (5)

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रीना कुमारी प्रजापत said

Waah bahut bdhiya....sadar pranam aapko 🙏

Lekhram Yadav replied

आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद आपको सुप्रभात सहित सादर नमस्कार

मनोज कुमार सोनवानी "समदिल" said

अतिसुंदर अतिसुंदर अतिसुंदर 👌👌🙏🙏 भैया जी क्या खूब लिखा है आपने 👌🙏 आंखें चाहे खुली हो या बंद हों बातें करतीं हैं।कभी स्वयं से, कभी औरों से, कभी ईश्वर से बातें करतीं हैं। सादर प्रणाम 🙏🌹

आलम-ए-ग़ज़ल - परवेज़ अहमद said

मिले न नज़र से नज़र, कहाॅं ऑंखें बात करती हैं!
वाह! क्या बात है! बहुत ख़ूब! ज़बरदस्त रचना! बेहद ख़ूबसूरती से लिखा है आपने ये कलाम! लाजवाब! आदाब अर्ज़ है, यादव जी! 👌👏❤️🙏😊

सरिता पाठक said

बहुत ही सुन्दर रचना, ह्रदय स्पर्शी, एक खूबसूरत दिल ही आँखों की भाषा पढ़ पाता है आँखों की गहराई को समझ पाना आसान नहीं हैँ सचमुच ये आँखें बात करती हैँ 👍, सादर प्रणाम

वन्दना सूद said

बहुत सुंदर रचना sir
सही बात है sir आँखें हर भाव बयान कर देती हैं

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