ये आंखें बात करती हैं
अगर खामोश हो ये दिल, ये आंखें बात करती हैं
वो, चुप रहते हैं अक्सर, यह आंखें बात करती हैं
अपनी जिन्दगी में अब तो, वो मशरूफ इतने हैं
अक्सर खामोश रहकर भी ये आंखें बात करती हैं
अगर भर जाए आंखों में, इस बादल का ये पानी
तब मिल कर ये बादल से बहुत बरसात करती हैं
छलकती है शरारत जब भी इन खामोश आंखों में
खुशी, में मदहोश हो कर, ये आंखें बात करती हैं
ये जब भी सुर्ख होती हैं, धधक जाती हैं गुस्से में
मगर गुस्से में भी ये आंखें हम से बात करती हैं
गर लबरेज हो गम से तब ये तन्हाई में अक्सर
लिपटकर उदासी में हमसे ये आंखें बात करती हैं
कोई हो वक्त और मौसम, कहां रूकती है ये बातें
वक्त मिलता है जब भी, ये आंखें बात करती हैं
करते, रहना बात अब तुम, यूं ही अपनों से यादव
मिले न नजर से नजर, कहां आंखें बात करती हैं
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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