किसी से कोई वास्ता कभी नहीं रखते
दिल का अपने कोई रास्ता नहीं रखते
बड़े नफीस लोग बसते हैं शहर में दास
मुहब्बत में जरा भी आस्था नहीं रखते I

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
किसी से कोई वास्ता कभी नहीं रखते
दिल का अपने कोई रास्ता नहीं रखते
बड़े नफीस लोग बसते हैं शहर में दास
मुहब्बत में जरा भी आस्था नहीं रखते I
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