ज़हर घुले ,
नज़रों से ये देखते हैं।
मन में साँप पालते,
ज़हर उगलते हैं।
काले नागों से ,
बच के रहना।
ये विषैले,
धोखेबाज़, नफरत फैलाते हैं।
छल कपट का ,
जाल बिछाते हैं।
दिलों को चीरकर,
खून पी जाते हैं।
काले नागों से,
बच के रहना।
ये विश्वासघात करते,
बेवफाई दिखाते हैं।
अंधेरे में छुपकर,
वार करते हैं।
अचानक से,
ज़ख्म दे जाते हैं।
काले नागों से,
बच के रहना।
ये डर का,
माहौल बनाते हैं।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







